
मानसिक स्वास्थ्य • हाजीपुर, बिहार
मन की परेशानी में,
हम आपके साथ हैं।
अपनी बात कहने की एक सहज शुरुआत। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल के लिए सरल हिंदी में हमसे बात करें।
WhatsApp पर संदेश भेजेंआप अपने लिए या परिवार के किसी सदस्य के लिए संपर्क कर सकते हैं।

डॉ. एच. एन. रॉय लेन, उमेश सिनेमा रोड↗
- परामर्श शुल्क
- ₹500
- प्रकाशित समय • सोम–रवि
- सुबह 9 – शाम 5 बजे
- कॉल या WhatsApp
- 9546782188
- हमारा स्थान
- हाजीपुर, वैशाली
आने से पहले फोन पर समय, फीस और डॉक्टर की उपलब्धता की पुष्टि करें।
आपकी परेशानी, हमारी प्राथमिकता
आप किस परेशानी के लिए
मदद चाहते हैं?
खुद सही नाम या बीमारी पहचानना ज़रूरी नहीं। शुरुआत अपनी परेशानी बताने से करें।
उदासी और डिप्रेशन
मन न लगना, लगातार उदासी या रोज़मर्रा के कामों में रुचि कम होना।
सरल हिंदी में जानेंचिंता और घबराहट
बार-बार डर लगना, बेचैनी या चिंता से दिनचर्या प्रभावित होना।
सरल हिंदी में जानेंनींद की परेशानी
नींद न आना, बार-बार जागना या दिनभर थकान महसूस होना।
सरल हिंदी में जानेंनशे से जुड़ी समस्याएँ
शराब या दूसरे नशे की समस्या में सुरक्षित मदद और परिवार का साथ।
सरल हिंदी में जानेंबार-बार आने वाले विचार
अनचाहे विचार, बार-बार जाँच करना या काम दोहराने की मजबूरी।
सरल हिंदी में जानेंबच्चों और बुजुर्गों की देखभाल
व्यवहार, पढ़ाई या याददाश्त में बदलाव के बारे में बात करें।
सरल हिंदी में जानेंपहली मुलाकात
एक छोटा कदम,
बातचीत की ओर।
परेशानी कब शुरू हुई और जीवन पर क्या असर पड़ रहा है—इतना बताना अच्छी शुरुआत है।
पहली मुलाकात की पूरी तैयारी- 01
हमसे संपर्क करें
फोन या WhatsApp पर नाम, उम्र और मुख्य परेशानी बताएं।
- 02
समय की पुष्टि करें
क्लिनिक के उत्तर के बाद ही अपॉइंटमेंट पक्का माना जाएगा।
- 03
क्लिनिक आएँ
पुराने पर्चे, जाँच की रिपोर्ट और चल रही दवाओं की सूची साथ लाएँ।
हमारे डॉक्टर
जानिए, आप किससे मिलेंगे।
मुलाकात से पहले संबंधित डॉक्टर की उपलब्धता की पुष्टि करें।


ऊपर डॉक्टरों के सांकेतिक चित्र हैं।

देखभाल की एक विरासत
1975 से हाजीपुर के
परिवारों के साथ।
चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. एच. एन. रॉय ने 1975 में इस क्लिनिक की स्थापना की। सेवा और संवेदनशील देखभाल की उनकी सोच आज भी हमारी पहचान का हिस्सा है।
संस्थापक की जीवन यात्रा (English)आपके मन के सवाल
पहले जान लें,
फिर सहज होकर आएँ।
मुलाकात से पहले की कुछ सामान्य बातें।
क्या दवा जीवनभर लेनी पड़ेगी?
हर मरीज में ऐसा नहीं होता। दवा कितने समय तक चलेगी, यह लक्षणों, बीमारी, इलाज के असर और आगे की जाँच पर निर्भर करता है। दवा अचानक बंद न करें।
क्या परिवार का सदस्य साथ आ सकता है?
हाँ। बच्चों, बुजुर्गों, नशे या याददाश्त और व्यवहार से जुड़ी परेशानियों में भरोसेमंद परिवार का सदस्य उपयोगी हो सकता है।
क्या बिना अपॉइंटमेंट के आ सकते हैं?
आने से पहले फोन करना बेहतर है। बिना अपॉइंटमेंट आए मरीजों को डॉक्टर की उपलब्धता के अनुसार देखा जा सकता है।
अपॉइंटमेंट कब पक्का होता है?
फोन या WhatsApp से अनुरोध करें। क्लिनिक के उत्तर में समय की पुष्टि होने के बाद ही अपॉइंटमेंट पक्का माना जाएगा।
