मुलाकात से पहले लिख लें
सोने और उठने का समय, रात में कितनी बार नींद खुलती है और दिन में थकान का असर लिख लें। यह भी बताएं कि परेशानी कब शुरू हुई।
अभी चल रही दवाओं की सूची और पुराने पर्चे साथ रखें।
सोने और उठने का समय, रात में कितनी बार नींद खुलती है और दिन में थकान का असर लिख लें। यह भी बताएं कि परेशानी कब शुरू हुई।
अभी चल रही दवाओं की सूची और पुराने पर्चे साथ रखें।
अगर नींद की परेशानी रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। खुद बीमारी का नाम तय करना ज़रूरी नहीं है।
बातचीत से शुरुआत करें
समय और उपलब्धता के लिए फोन या WhatsApp करें।
अपॉइंटमेंट क्लिनिक की पुष्टि के बाद ही पक्का होगा।