डिप्रेशन

डिप्रेशन: उदासी से आगे की बात

लगातार उदासी, खालीपन या पसंद की चीज़ों में रुचि कम होना अगर दिनचर्या को प्रभावित करे, तो डॉक्टर की जाँच मददगार हो सकती है।

Dr H N Roy Mental Clinic, Hajipur
डॉ. एच. एन. रॉय लेन, हाजीपुर

किन बातों पर ध्यान दें

लगभग हर दिन उदास रहना, निराशा, रुचि या आनंद कम होना, थकान, नींद या भूख में बदलाव, ध्यान लगाने में कठिनाई, अपराधबोध या खुद को बेकार समझना डिप्रेशन से जुड़े हो सकते हैं। लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग होते हैं; केवल सूची से बीमारी की पहचान नहीं होती।

अगर ये बदलाव दो हफ्ते या उससे अधिक रहें, बार-बार लौटें, या काम, पढ़ाई, रिश्तों और अपनी देखभाल पर असर डालें, तो मनोचिकित्सक से बात करें।

परिवार कैसे साथ दे

“बस खुश रहो” या “कमज़ोर मत बनो” कहने की जगह सुनें, नियमित भोजन और नींद में सहयोग दें और परामर्श के लिए साथ जाने की पेशकश करें। व्यक्ति की बात को गंभीरता से लें।

इलाज में बातचीत आधारित थेरेपी, रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव और कुछ स्थितियों में दवा शामिल हो सकती है। सही योजना जाँच के बाद बनती है।

अगला कदम

लक्षण लिख लें, दवाओं की सूची तैयार करें और क्लिनिक से समय की पुष्टि करें।

अगला कदम

मुलाकात से पहले अपनी मुख्य परेशानी और पूछने वाले सवाल लिख लें। पहली मुलाकात की तैयारी और अपॉइंटमेंट, फीस और पते की जानकारी पढ़ें। फोन पर समय की पुष्टि के बाद ही निकलें।

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बातचीत से शुरुआत करें

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अपॉइंटमेंट क्लिनिक की पुष्टि के बाद ही पक्का होगा।