लगातार उदासी, खालीपन या पसंद की चीज़ों में रुचि कम होना अगर दिनचर्या को प्रभावित करे, तो professional assessment मददगार हो सकता है।
Dr H N Roy Lane, Hajipur
किन बातों पर ध्यान दें
लगभग हर दिन low mood, निराशा, रुचि या आनंद कम होना, थकान, नींद या भूख में बदलाव, concentration में कठिनाई, अपराधबोध या खुद को बेकार समझना डिप्रेशन से जुड़े हो सकते हैं। लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग होते हैं; केवल checklist से diagnosis नहीं होता।
अगर ये बदलाव दो हफ्ते या उससे अधिक रहें, बार-बार लौटें, या काम, पढ़ाई, रिश्तों और self-care पर असर डालें, तो मनोचिकित्सक से बात करें।
परिवार कैसे साथ दे
“बस खुश रहो” या “कमज़ोर मत बनो” कहने की जगह सुनें, नियमित भोजन और नींद में सहयोग दें और consultation तक साथ जाने की पेशकश करें। व्यक्ति की बात को गंभीरता से लें।
इलाज में बातचीत आधारित therapy, रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव और कुछ स्थितियों में medicine शामिल हो सकती है। सही योजना assessment के बाद बनती है।
अगला कदम
लक्षण लिख लें, दवाओं की list तैयार करें और क्लिनिक से समय की पुष्टि करें।