आपको सही शब्द खोजने या खुद बीमारी की पहचान बताने की जरूरत नहीं है। परेशानी कब शुरू हुई और रोज़मर्रा की जिंदगी पर क्या असर है—इतना बताना अच्छी शुरुआत है।
डॉ. एच. एन. रॉय लेन, हाजीपुर
साथ क्या लाएँ
पुराने दवा के पर्चे और ज़रूरी जाँच की रिपोर्ट
अभी ली जा रही हर दवा का नाम, खुराक और समय—फोटो भी चलेगी
दवा से हुई एलर्जी या दुष्प्रभाव की जानकारी
नींद, भूख, मन की स्थिति, घबराहट, नशे या व्यवहार में बदलाव का छोटा ब्योरा
एक पहचान पत्र और क्लिनिक की फीस के बारे में पुष्टि
डॉक्टर को क्या बताएं
लक्षण कब शुरू हुए, कितनी बार होते हैं, काम/पढ़ाई/रिश्तों पर क्या असर पड़ा और पहले कौन-सा इलाज हुआ—ईमानदारी से बताएं। शराब, तंबाकू, नींद की गोली या दूसरे नशीले पदार्थों का उपयोग छिपाने से दवा की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
अपने तीन सबसे जरूरी सवाल पहले लिख लें। उदाहरण: संभावित कारण क्या हैं, इलाज की योजना क्या होगी और अगली मुलाकात कब है?
किसे साथ लाएँ
बच्चे, बुजुर्ग, याददाश्त या व्यवहार में बदलाव, नशे की लत, सुरक्षा की चिंता या लंबे समय से बीमार मरीज के साथ भरोसेमंद व्यक्ति उपयोगी रहता है। वयस्क मरीज अपनी निजता के बारे में डॉक्टर से खुलकर बात कर सकते हैं।
मरीज को उसकी इच्छा के विरुद्ध शर्मिंदा या दोषी ठहराकर लाने से बचें। शांत, तथ्यपरक सहायता बेहतर होती है।
दवा के बारे में
पुरानी मनोचिकित्सा की दवा अपने-आप अचानक बंद, शुरू या दोगुनी न करें। छूटी खुराक, गर्भावस्था, स्तनपान, दूसरी बीमारी या दुष्प्रभाव के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। यह पेज व्यक्तिगत दवा का पर्चा नहीं देता।